गिरिडीह में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का जागरूकता रथ रवाना, किसानों को ₹1 में मिलेगा फसल बीमा….

मात्र ₹1 में फसल सुरक्षा, किसानों के लिए सरकार की बड़ी पहल।

Abhimanyu Kumar
2 Min Read
Highlights
  • डीडीसी स्मृता कुमारी ने फसल बीमा जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
  • ऋणी और गैर-ऋणी दोनों किसान उठा सकेंगे योजना का लाभ
  • अगहनी धान पर ₹73,209 व भदई मक्का पर ₹45,640 प्रति हेक्टेयर तक बीमा
  • खरीफ-2026 में किसानों को मात्र ₹1 प्रीमियम पर मिलेगा फसल बीमा
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रीफ मौसम-2026 में अधिक से अधिक किसानों को बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (B-PMFBY) से जोड़ने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उप विकास आयुक्त श्रीमती स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता वैभव कुमार सिंह तथा जिला सहकारिता पदाधिकारी अश्विनी ओझा ने संयुक्त रूप से अभियान की शुरुआत की।

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उप विकास आयुक्त ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम के कारण किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जागरूकता रथ के माध्यम से गांव-गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचकर किसानों को योजना की जानकारी दी जाए तथा निर्धारित अवधि में अधिक से अधिक किसानों का बीमा कराया जाए। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ऋणी एवं गैर-ऋणी दोनों किसान मात्र ₹1 के सांकेतिक प्रीमियम पर अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकते हैं और इसके अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

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गिरिडीह जिले में खरीफ-2026 के लिए अगहनी धान और भदई मक्का अधिसूचित फसलें हैं। अगहनी धान के लिए ₹73,209 प्रति हेक्टेयर तथा भदई मक्का के लिए ₹45,640 प्रति हेक्टेयर तक की बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसानों को बैंक, सहकारी बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, बीमा कंपनी के कार्यालय अथवा PMFBY पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध है।

 

जिला सहकारिता पदाधिकारी अश्विनी ओझा ने बताया कि योजना में बुआई विफल होने, प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति, उपज में कमी तथा कटाई के बाद प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान को भी निर्धारित प्रावधानों के तहत शामिल किया गया है। उन्होंने किसानों से समय पर फसल क्षति की सूचना संबंधित माध्यमों से देने की अपील की। योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए कृषि सहायता हेल्पलाइन 14447 भी उपलब्ध है।

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