रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की बहुचर्चित CGL-2024 परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में CID की कार्रवाई लगातार जारी है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को मामले में चार और चयनित अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। इन अभ्यर्थियों का चयन संदिग्ध परिस्थितियों में होने की बात सामने आई है। CID अब इनसे पूछताछ कर परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और चयन प्रक्रिया में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
CID के अनुसार गिरफ्तार अभ्यर्थियों में धनबाद के नवाहीड थाना क्षेत्र अंतर्गत डुप्लेक्स सनशाइन अपार्टमेंट निवासी दीपक कुमार, बिहार के भोजपुर जिले के उमेश कुमार राय, धनबाद के राजगंज निवासी विजय कुमार तिवारी तथा बिहार के सारण जिले के निवासी आनंद कुमार सिंह शामिल हैं। जांच एजेंसी को इन अभ्यर्थियों के चयन को लेकर संदेह है। इसी आधार पर पूछताछ और जांच के लिए इन्हें हिरासत में लिया गया है।
पहले गिरफ्तार आरोपियों से भी पूछताछ जारी
चार नए अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी के साथ ही CID ने मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को गिरफ्तार किए गए सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को शुक्रवार को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद CID ने पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान जांच एजेंसी दोनों आरोपियों से परीक्षा में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और चयनित अभ्यर्थियों से जुड़े नेटवर्क के संबंध में पूछताछ करेगी।
CID इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
बेंगाबाद से समीर की गिरफ्तारी, दस्तावेज बरामद
JSSC-CGL कथित पेपर लीक मामले में CID ने गुरुवार को गिरिडीह जिले के बेंगाबाद से भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान समीर उर्फ शालू के रूप में हुई है। CID की टीम ने समीर के घर पर कार्रवाई के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं। बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनका संबंध परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी से किस प्रकार है।
गौरतलब है कि बेंगाबाद का संबंध इस मामले के प्रमुख आरोपी अभय तिवारी के ससुराल से भी बताया जा रहा है। ऐसे में समीर की गिरफ्तारी और उसके घर से दस्तावेजों की बरामदगी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
चयनित अभ्यर्थियों की भूमिका की जांच
CID अब उन अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनका चयन JSSC-CGL परीक्षा में हुआ है और जिनके चयन पर संदेह पैदा हुआ है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन अभ्यर्थियों को कथित तौर पर किसी अनुचित माध्यम से परीक्षा में लाभ पहुंचाया गया था या नहीं।
पूरे मामले में CID की कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। एक ओर जहां कथित पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर संदिग्ध तरीके से चयनित अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की जा रही है।
JSSC-CGL परीक्षा को लेकर पहले से ही अभ्यर्थियों के बीच गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब CID की लगातार कार्रवाई के बाद मामले में कई नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। हालांकि, गिरफ्तार अभ्यर्थियों के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।