गिरिडीह:- उपायुक्त, श्री रामनिवास यादव ने आज योगीटांड़ में निर्माणाधीन डेयरी प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट के निर्माण कार्यों की प्रगति, कंस्ट्रक्शन से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियों तथा निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री एवं कार्यों की गुणवत्ता की जानकारी ली। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधियों से परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप आगे बढ़ाने तथा प्लांट से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित तरीके से विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने एवं कार्य की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद से वित्तीय वर्ष 2026-27 में गिरिडीह जिले में झारखंड मिल्क फेडरेशन (JMF) द्वारा संचालित दुग्ध संग्रहण, विधायन एवं विपणन गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण हेतु कुल ₹345.41 लाख (तीन करोड़ पैंतालीस लाख इकतालीस हजार रुपये) की परियोजना प्रस्तावित की गई है। परियोजना का उद्देश्य जिले में दुग्ध संग्रहण एवं विपणन व्यवस्था को मजबूत करते हुए ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना तथा उनके उत्पादित दूध का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में व्यवस्था को और सुदृढ़ करना है।
झारखंड सरकार एवं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के बीच हुए समझौते के तहत JMF द्वारा संस्थागत दुग्ध संग्रहण तथा Medha दूध एवं दुग्ध उत्पादों के विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों से दूध संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ दूध को बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। इसी क्रम में NDDB के Turnkey आधार पर गिरिडीह जिले में 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है। इससे जिले के ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को संगठित दुग्ध संग्रहण व्यवस्था से जोड़ने, दूध के सुरक्षित एवं व्यवस्थित संग्रहण तथा विधायन की सुविधा को मजबूत करने और दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना से जुड़े सभी निर्माण एवं आधारभूत संरचना संबंधी कार्यों में गुणवत्ता, तकनीकी मानकों एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि जिले में दुग्ध क्षेत्र से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा दुग्ध उत्पादकों के लिए बेहतर अवसर एवं बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। निरीक्षण के दौरान निरीक्षण के दौरान NDDB से श्री K S पटेल, DGM, मेधा के महाप्रबंधक श्री पवन मारवाहा एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी, कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि एवं परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे।