गिरिडीह: समाहरणालय सभागार में सोमवार को झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को गैर-कृषि क्षेत्र में उद्यम शुरू करने, व्यवसाय का विस्तार करने, बाजार से जुड़ने तथा वित्तीय और तकनीकी सहायता के अवसरों की जानकारी देना था।
कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव, जिला परिषद अध्यक्ष, उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में JSLPS के पदाधिकारी, स्थानीय महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।
कार्यशाला में बताया गया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा अनुमोदित झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम को JSLPS के सहयोग से IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसके तहत SHG से जुड़ी महिला उद्यमियों को गैर-कृषि क्षेत्र में व्यवसाय बढ़ाने और आय के नए स्रोत विकसित करने में सहयोग दिया जाएगा।
कार्यक्रम के तहत 150 उद्यमियों का चयन किया जाना है। चयनित उद्यमियों को ₹10 लाख तक अनुदान या ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, ब्रांडिंग, व्यवसाय विकास, उपकरण एवं तकनीकी जानकारी, नेटवर्किंग, मार्केट लिंकेज और सरकारी योजनाओं तक पहुंच में सहयोग मिलेगा।
कार्यशाला में पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। Manufacturing और Services क्षेत्र में कार्यरत पात्र उद्यमी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि जिले की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रही हैं। उन्हें आजीविका गतिविधियों के साथ-साथ उद्यमिता, व्यवसाय विस्तार, बाजार और वित्तीय सशक्तिकरण के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक पात्र महिला उद्यमियों तक पहुंचाई जाए और आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग दिया जाए।
कार्यशाला में महिला उद्यमियों और SHG सदस्यों ने कार्यक्रम को लेकर रुचि दिखाई। अधिकारियों ने प्रतिभागियों के सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवेदन से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी।