गिरिडीह: जिले के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल होने जा रही है। वर्ष 1955 में स्थापित गिरिडीह कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2027-31 से छह नए विषयों में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू करने की स्वीकृति मिल गई है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से कॉलेज को इन विषयों की औपचारिक मंजूरी दी गई है।
नए विषयों में संथाली, खोरठा और कुरमाली जैसी क्षेत्रीय भाषाओं के साथ सांख्यिकी, पर्यावरण विज्ञान तथा संस्कृत शामिल हैं। इन विषयों की पढ़ाई शुरू होने से जिले के विद्यार्थियों को अपने गृह क्षेत्र में ही स्नातक की पढ़ाई के अतिरिक्त विकल्प मिल सकेंगे। खासकर स्थानीय भाषाओं के अध्ययन को क्षेत्र की संस्कृति और भाषाई विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कॉलेज में नए सत्र से इन छह विषयों में कुल 420 सीटों पर दाखिला होगा। विषयों में सीटों का निर्धारण कॉलेज और विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार किया जाएगा। सांख्यिकी और पर्यावरण विज्ञान जैसे विषयों के जुड़ने से विद्यार्थियों के लिए आगे उच्च शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
विश्वविद्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन कक्षाओं के संचालन, शिक्षकों की व्यवस्था और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गया है।
गिरिडीह कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. कृष्णानंद शर्मा ने बताया कि सत्र 2027-31 के लिए छह नए विषयों की औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है। कॉलेज स्तर पर आवश्यक शैक्षणिक व्यवस्था और संसाधनों को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए विषय शुरू होने से जिले के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर विकल्प मिलेंगे। कॉलेज के 71 साल के इतिहास में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।