गिरिडीह: दोस्त के जन्मदिन की खुशियां मनाकर घर लौट रहे दो युवकों की जिंदगी सड़क हादसे में खत्म हो गई। सोमवार की रात गिरिडीह-रांची मुख्य मार्ग पर एक अज्ञात मालवाहक वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार दोनों युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे तथा फरार वाहन की पहचान की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। इसके कारण करीब पांच घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
मृतकों की पहचान बदडीहा निवासी युवकों के रूप में हुई
मृतकों की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बदडीहा निवासी 22 वर्षीय सूरज तुरी, पिता प्रकाश तुरी, और तुलसी दास, पिता स्वर्गीय गुरु दास, के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक सोमवार को अपने एक दोस्त के जन्मदिन समारोह में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान गिरिडीह-रांची मार्ग पर एक अज्ञात मालवाहक वाहन ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर जा गिरी। हादसे में दोनों युवकों की जान चली गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और मृतकों के परिजनों को सूचना दी गई।
शादी के कुछ महीने बाद ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने सूरज तुरी के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सूरज के पिता प्रकाश तुरी के अनुसार, उनका बेटा दूसरे प्रदेश में काम करता था। कुछ महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद वह फिलहाल घर पर ही रह रहा था। सोमवार को वह अपने दोस्त तुलसी दास के साथ जन्मदिन समारोह में शामिल होने निकला था, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह दोबारा घर नहीं लौटेगा।
सड़क हादसे की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। जिस घर में कुछ महीने पहले शादी की खुशियां गूंजी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर सड़क पर उतरे ग्रामीण
दो युवकों की मौत से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने गिरिडीह-रांची मार्ग पर जाम लगा दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने पर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव, संबंधित अंचलाधिकारी और विभिन्न थानों के प्रभारी समेत पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया।
प्रशासन की ओर से मुआवजे को लेकर आश्वासन देने तथा दुर्घटना में शामिल फरार मालवाहक वाहन की तलाश कर उसे पकड़ने का भरोसा दिए जाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद रात करीब तीन बजे सड़क जाम समाप्त कराया गया और आवागमन बहाल हुआ।
फरार वाहन की पहचान और चालक पर कार्रवाई की मांग
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिजन और ग्रामीण फरार मालवाहक वाहन की पहचान कर उसके चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, हादसे के कारण दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल गई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही दुर्घटना में शामिल वाहन का पता लगाकर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा।
