दुमका में कर्नल अनिल यादव का प्रेरक संवाद, 130 से अधिक छात्रों को सेना में अधिकारी बनने का दिखाया रास्ता…

"सेना केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा, अनुशासन और नेतृत्व का जीवन है" – कर्नल अनिल यादव

Abhimanyu Kumar
4 Min Read
Highlights
  • कर्नल अनिल यादव ने 130 से अधिक छात्रों को किया प्रेरित
  • भर्ती प्रक्रिया, प्रशिक्षण और करियर ग्रोथ पर हुई चर्चा
  • छात्रों ने खुलकर पूछे सवाल, मिले विस्तृत जवाब
  • भारतीय सेना में अधिकारी बनने के विभिन्न अवसरों की दी जानकारी
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झारखंड गर्ल्स बटालियन एनसीसी, दुमका के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अनिल यादव ने सरकारी पुस्तकालय, दुमका में 130 से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ एक प्रेरणादायक और जानकारीपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना और उन्हें भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी बनने के विभिन्न अवसरों के बारे में जानकारी देना था।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। पूरे सत्र के दौरान माहौल काफी सकारात्मक और प्रेरणादायक रहा। छात्रों ने भारतीय सेना की कार्यप्रणाली, उसकी जिम्मेदारियों और विभिन्न भूमिकाओं के बारे में जानने में गहरी रुचि दिखाई। कर्नल यादव ने अपने अनुभवों के आधार पर सेना की अलग-अलग शाखाओं जैसे इन्फैंट्री, आर्मर्ड कोर, आर्टिलरी, इंजीनियर्स, सिग्नल्स और अन्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।

कर्नल अनिल यादव ने युवाओं में भरी देशसेवा की भावना…

 

उन्होंने बताया कि भारतीय सेना का काम केवल देश की सीमाओं की रक्षा करना ही नहीं है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और संकट की परिस्थितियों में लोगों की मदद करना भी है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, साहस और देशभक्ति सेना के मूल मूल्य हैं। सेना में करियर सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि देश सेवा के लिए समर्पित जीवन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

 

विद्यार्थियों ने सेना में भर्ती के विभिन्न तरीकों, पात्रता, प्रशिक्षण और करियर की संभावनाओं को लेकर कई सवाल पूछे। कर्नल यादव ने सभी सवालों का विस्तार से जवाब दिया और लड़कों एवं लड़कियों के लिए उपलब्ध विभिन्न प्रवेश योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई, शारीरिक फिटनेस और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी, ताकि वे भविष्य में सेना में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

 

उन्होंने यह भी बताया कि सेना में आकर्षक वेतन और भत्तों के साथ-साथ खेलकूद, साहसिक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास के कई अवसर मिलते हैं।

 

कार्यक्रम के दौरान सेना भर्ती कार्यालय, रांची से प्राप्त पोस्टर, बैनर और विभिन्न प्रवेश योजनाओं से संबंधित जानकारी पत्र भी छात्रों के बीच वितरित किए गए।

 

कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि छात्र खुलकर अपने सवाल पूछ सके और अपनी जिज्ञासाओं को सामने रख सके। कई विद्यार्थियों ने सेना के दैनिक जीवन, प्रशिक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों, उच्च शिक्षा और विशेषज्ञता के अवसरों के बारे में जानकारी हासिल की। कर्नल यादव ने अपने वास्तविक अनुभवों और प्रेरक घटनाओं को साझा करते हुए सभी प्रश्नों के सरल और स्पष्ट उत्तर दिए।

कार्यक्रम के अंत में भी कर्नल यादव ने विद्यार्थियों को अपनी शंकाएं दूर करने का अवसर दिया। इस खुले संवाद से छात्रों को सेना और उससे जुड़े विभिन्न विषयों को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला। विद्यार्थियों ने इस उपयोगी और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम के लिए कृतज्ञता व्यक्त की और एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से सीधे बातचीत करने के अवसर की सराहना की।

 

कर्नल यादव ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए दुमका के उप विकास आयुक्त श्री अनिकेत सचान, आईएएस का आभार व्यक्त किया। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पुस्तकालयाध्यक्ष श्रीमती फिरदौसी बेगम और उनकी पूरी टीम को धन्यवाद दिया।

 

कार्यक्रम का समापन बेहद सकारात्मक माहौल में हुआ। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाने की इच्छा जताई। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने, उनमें देशभक्ति, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

 

यह कार्यक्रम भारतीय सेना में उपलब्ध करियर अवसरों के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने और भावी पीढ़ी में देशभक्ति तथा नेतृत्व की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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