झारखंड में राशन कार्ड के नियम बदले: नया कार्ड बनवाने और पुराने में नाम जोड़ने में बढ़ेंगी मुश्किलें, अब देने होंगे ये जरूरी दस्तावेज…

ई-केवाईसी से लेकर जरूरी दस्तावेज तक, राशन कार्ड बनवाने और नाम जोड़ने की प्रक्रिया हुई सख्त

Abhimanyu Kumar
5 Min Read
Highlights
  • झारखंड में राशन कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव
  • आवेदन के साथ घर की तस्वीर अपलोड करना जरूरी
  • ई-केवाईसी के बाद ही आगे बढ़ेगा आवेदन
  • राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए अब जरूरी होंगे संबंधित दस्तावेज
  • नए राशन कार्ड के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य
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रांची। झारखंड में राशन कार्ड बनवाने और पुराने राशन कार्ड में सदस्यों का नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को अब और सख्त कर दिया गया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के तहत कई नए प्रावधान लागू किए हैं। नई व्यवस्था के तहत नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित राशन डीलर के यहां ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही आवेदन के दौरान परिवार के घर की तस्वीर भी अपलोड करनी होगी।

ई-केवाईसी के बाद ही आगे बढ़ेगा आवेदन

विभाग के नए नियम के मुताबिक, लाभुक का ई-केवाईसी सत्यापन पूरा होने के बाद ही नए राशन कार्ड के आवेदन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी और अपात्र लाभुकों को राशन कार्ड योजना से बाहर रखना तथा वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को सरकारी खाद्यान्न का लाभ सुनिश्चित करना है।

आवेदन के दौरान परिवार को स्वघोषणा भी करनी होगी कि उसका कोई सदस्य आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर या जीएसटी का भुगतान नहीं करता है। इसके अलावा निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित या दस एकड़ से अधिक असिंचित भूमि, चार पहिया वाहन अथवा तीन या उससे अधिक कमरों वाला पक्का मकान नहीं होना चाहिए।

जिलावार सीमा के आधार पर बनेगा राशन कार्ड

झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के तहत नए राशन कार्ड बनाने और पुराने कार्ड में सदस्य जोड़ने के आवेदनों पर अब जिलावार निर्धारित सीमा और प्रतीक्षा सूची के आधार पर कार्रवाई होगी।

 

इसका मतलब है कि आवेदन कर देना ही राशन कार्ड जारी होने की गारंटी नहीं होगा। आवेदक की वेटिंग लिस्ट में स्थिति और जिले के लिए निर्धारित सीमा के अनुसार आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा।

 

प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी स्तर पर लंबित UID सुधार और परिवर्तन से जुड़े मामलों में भी ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है।

बच्चे का नाम जोड़ने के लिए जन्म प्रमाणपत्र जरूरी

पुराने राशन कार्ड में किसी नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए अब अलग-अलग परिस्थितियों में संबंधित दस्तावेज जमा करना होगा।

– जन्म के आधार पर नाम जोड़ने पर जन्म प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा।

– विवाह के आधार पर नाम जोड़ने पर पुराने राशन कार्ड से नाम हटाने की स्वीकृति का दस्तावेज देना होगा।

– दत्तक सदस्य का नाम जोड़ने पर दत्तक ग्रहण प्रमाणपत्र जरूरी होगा।

– स्थानांतरण या परिवार से अलग हुए सदस्य का नाम जोड़ने पर पिछले राशन कार्ड से नाम हटाए जाने का प्रमाणपत्र देना होगा।

राशन कार्ड रद्द करने में भी ओटीपी जरूरी

राशन कार्ड को रद्द या सरेंडर करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब परिवार के मुखिया की सहमति के बाद ही कार्ड रद्द या सरेंडर किया जा सकेगा। इसके लिए UID आधारित OTP सत्यापन भी जरूरी होगा। इससे बिना सहमति राशन कार्ड में बदलाव या उसे रद्द करने की संभावना कम होगी।

अपात्र लाभुकों पर विभाग की नजर

विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शामिल अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड की जांच और रद्द करने की कार्रवाई भी तेज की है। जांच में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ लेते पाए गए।

 

विभाग के अनुसार, कुछ मामलों में ऐसे लाभुक भी सामने आए जिन्होंने लाखों रुपये का जीएसटी रिटर्न दाखिल किया था। इसके अलावा निर्धारित सीमा से अधिक जमीन रखने वाले और आयकर का भुगतान करने वाले कुछ लाभुकों के राशन कार्ड भी रद्द किए गए हैं।

नए नियमों का क्या होगा असर?

नई व्यवस्था के बाद राशन कार्ड से जुड़े आवेदन, सदस्य जोड़ने, UID में सुधार और कार्ड रद्द करने जैसी प्रक्रियाओं में दस्तावेजों की जांच और डिजिटल सत्यापन बढ़ जाएगा। इससे एक तरफ पात्र परिवारों की पहचान अधिक सटीक तरीके से होने की उम्मीद है, वहीं अपात्र लोगों के लिए सरकारी राशन योजना का लाभ लेना मुश्किल होगा।

 

महत्वपूर्ण: राशन कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले लाभुक अपने संबंधित राशन डीलर के यहां ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर लें और आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखें।

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