रांची: राज्य सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर शनिवार को रांची के मोरहाबादी स्थित कल्याण कॉम्प्लेक्स में कल्याण विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के कल्याण मंत्री श्री चमरा लिंडा ने की।
इस बैठक में विभागीय सचिव श्री कृपा नंद झा, कल्याण आयुक्त श्री कुलदीप चौधरी के साथ राज्य के सभी जिलों के परियोजना निदेशक (आईटीडीए) एवं जिला कल्याण पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मंत्री लिंडा ने विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए इन योजनाओं को ज़मीन पर उतारने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
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मंत्री लिंडा ने विशेष रूप से प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना तथा साइकिल वितरण योजना की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन जिलों में छात्रवृत्ति की राशि उपलब्ध है, वहां लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाए। साथ ही उन्होंने पिछड़े वर्ग के छात्रों की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित भुगतान को लेकर भारत सरकार से पत्राचार में तेजी लाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता समयबद्ध और निर्बाध रूप से मिलनी चाहिए, ताकि उनके शैक्षणिक सफर में कोई रुकावट न आए।
उन्होंने सख्त लहजे में यह भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी योजनाएं तय समय-सीमा के भीतर ज़मीन पर लागू हों और पात्र लाभुकों तक पहुंचे।
बैठक में विभागीय सचिव श्री कृपा नंद झा और कल्याण आयुक्त श्री कुलदीप चौधरी ने विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति से संबंधित आंकड़े और विवरण प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति में सुधार लाने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।
बैठक का उद्देश्य राज्य सरकार की सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की नीति को सशक्त रूप से आगे बढ़ाना था, ताकि समाज के सबसे वंचित वर्गों को भी समान अवसर और अधिकार मिल सके।