झारखंड के विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव को लेकर उठा सवाल, अभिनव जीत ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की…

वसूला जा रहा है शुल्क, पर विश्वविद्यालय में नहीं हो रहे छात्रसंघ चुनाव - अभिनव जीत

Abhimanyu Kumar
2 Min Read
इसी सत्र से सभी विश्वविद्यालय में बहाल हो छात्र संघ - अभिनव जीत
Highlights
  • झारखंड में 2019 के बाद नहीं हुए छात्रसंघ चुनाव
  • हर साल छात्रों से लिया जा रहा है चुनाव शुल्क – पर चुनाव नहीं
  • छात्रसंघ छात्रों की समस्याओं को उठाने का मंच है
  • छात्रसंघ चुनाव न होना लोकतंत्र का गला घोंटना – अभिनव जीत
Share This News
WhatsApp Channel Join Now

झारखंड के विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव न कराए जाने को लेकर छात्रनेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पूर्व रांची महानगर संगठन मंत्री अभिनव जीत ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि छात्रसंघ चुनाव नहीं कराना, छात्रों को उनके अधिकारों से वंचित करने जैसा है।

Advertisement

IMG-20250603-WA0001

IMG-20250603-WA0001

IMG-20250603-WA0000

IMG-20250603-WA0000

IMG-20250603-WA0003

IMG-20250603-WA0003

IMG-20250603-WA0002

IMG-20250603-WA0002

अभिनव जीत ने कहा, “राज्य के कई विश्वविद्यालयों में वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं, जिससे छात्रों की समस्याओं को उठाने वाला कोई मंच नहीं बचा है। एक ओर विश्वविद्यालय प्रशासन हर साल छात्रों से 50 से 100 रुपये तक शुल्क वसूलता है, वहीं दूसरी ओर छात्रसंघ चुनाव कराने में पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।”

उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल छात्रहित से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की पहली सीढ़ी भी है। इससे छात्रों को नेतृत्व विकसित करने का अवसर मिलता है और वे अपनी समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचा पाते हैं। मगर झारखंड में 2019 के बाद अब तक किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुआ है।

%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A5%80. %E0%A4%8F%E0%A4%AE. D 20250702 200228 0000
विज्ञापन…

छात्रनेता ने यूनिवर्सिटी एक्ट और लिंगदोह समिति की सिफारिशों का हवाला देते हुए कहा कि हर शैक्षणिक सत्र में छात्रसंघ चुनाव कराना विश्वविद्यालयों के लिए अनिवार्य है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा। उन्होंने राज्यपाल एवं कुलाधिपति से छात्रसंघ चुनाव को तत्काल बहाल कराने की मांग की है।

“कैंपस में पढ़ने वाले छात्रों के लिए छात्रसंघ चुनाव किसी त्योहार से कम नहीं है। यह छात्रों के हक की आवाज को बुलंद करने का जरिया है,” – उन्होंने कहा।

छात्रों के प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अभिनव ने सभी विश्वविद्यालयों में इसी सत्र से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page