रांची: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) ने राज्य के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में त्रुटि सुधार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। परिषद के नए आदेश के अनुसार अब छात्र-छात्राएं अपने शैक्षणिक दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि सहित अन्य स्वीकृत त्रुटियों के सुधार के लिए 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई थी।
परिषद के इस फैसले से उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा, जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर सके थे। अब उन्हें अपने दस्तावेजों में सुधार कराने के लिए अतिरिक्त तीन महीने का समय मिल गया है।
JAC द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह सुविधा प्रारंभिक वर्षों से लेकर वर्ष 2024 तक आयोजित सभी परिषद परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों के लिए लागू होगी। इसके तहत छात्र-छात्राएं पंजीयन रसीद, प्रवेश पत्र, अंकपत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, मूल प्रमाण पत्र सहित अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों में परिषद के निर्धारित नियमों के अनुसार संशोधन करा सकेंगे।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करते समय निर्धारित सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष तैयार किया गया शपथ पत्र (एफिडेविट) संलग्न करना अनिवार्य होगा। यदि आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं होंगे, तो उस पर विचार नहीं किया जाएगा।
JAC ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से अपील की है कि जिनके शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में किसी प्रकार की त्रुटि है, वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आवेदन करें। परिषद का कहना है कि कई वर्षों बाद दस्तावेजों में सुधार कराना कई बार जटिल प्रक्रिया बन जाता है, क्योंकि इन प्रमाण पत्रों का उपयोग उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी एवं निजी नौकरियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों में पहले ही किया जा चुका होता है।
परिषद ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें। यदि नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम या अन्य स्वीकृत विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए समय रहते आवेदन करें। इससे भविष्य में कॉलेज नामांकन, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी भर्ती और अन्य आवश्यक कार्यों के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
परिषद का यह निर्णय राज्य के हजारों विद्यार्थियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि अब उन्हें अपने शैक्षणिक दस्तावेजों की त्रुटियों को दूर करने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है।

मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।