भगैया के रेशम उद्योग से रूबरू हुईं महिलाएं, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम…

Abhimanyu Kumar
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नाबार्ड के सहयोग से संचालित “स्वावलंबी साड़ी संगम” परियोजना के तहत आइडिया संस्था द्वारा महिलाओं के लिए दूसरे एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन किया गया। इस दौरान जमुआ प्रखंड के बेरहाबाद पंचायत की स्वयं सहायता समूह एवं आजीविका सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं ने गोड्डा जिले के प्रसिद्ध रेशम उत्पादन केंद्र भगैया का भ्रमण कर रेशम साड़ी निर्माण की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा।

आइडिया संस्था की प्रोग्राम डायरेक्टर खुशी शर्मा ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य महिलाओं के ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक अनुभव को बढ़ाना है, ताकि वे सफल आजीविका मॉडल से सीख लेकर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत जल्द ही 90 महिलाओं को साड़ी निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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भ्रमण के दौरान महिलाओं ने रेशम धागा तैयार करने, रंगाई, प्रिंटिंग, बुनाई और साड़ी निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। साथ ही स्थानीय स्तर पर संचालित सफल रेशम उद्योग इकाइयों से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कर स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों को समझा।

खुशी शर्मा ने कहा कि ऐसे एक्सपोज़र विज़िट महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।

कार्यक्रम के दौरान गणेश पीस फाउंडेशन की प्रियंका कुमारी और गौरव कुमार ने प्रतिभागियों को रेशम साड़ी निर्माण, विपणन और स्वरोजगार की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। मौके पर नीलम देवी, हसीना खातून, सोनी कुमारी, प्रमिला देवी, सरिता देवी, कुसुम देवी, मीना देवी, अनिता देवी, यशोदा देवी, चंपा देवी, हेमंती देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।

आइडिया संस्था ने भविष्य में भी महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रतिभागी महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर भविष्य में अपना स्वयं का साड़ी निर्माण उद्यम स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।

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