गिरिडीह: गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) सदस्य एवं 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ मोचू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे 17 जुलाई को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पीरटांड़ थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी अंतर्गत जंगलों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान दबोचा।
वर्ष 2005 से था नक्सली गतिविधियों में सक्रिय
पुलिस के अनुसार, अजय महतो वर्ष 2005 से नक्सली संगठन से जुड़ा था। शुरुआत में वह दस्ता सदस्य रहा और बाद में संगठन में स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) के शीर्ष कमांडर के रूप में सक्रिय हो गया। उस पर हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षा बलों पर हमला, लेवी वसूली, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा मुखबिरी के शक में कई लोगों की हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं।
| वर्ष | प्रमुख घटनाएं |
|---|---|
| 2008 | 3 हत्याएं, सुरक्षा बलों पर हमला |
| 2010 | झाविमो कार्यालय विस्फोट |
| 2013 | हत्या, पुलिस जवान शहीद |
| 2014 | पंचायत भवन व बारूदी सुरंग विस्फोट |
| 2016 | IED ब्लास्ट, जवान शहीद, 2 हत्याएं |
| 2017 | 2 हत्याएं, रेलवे ट्रैक विस्फोट |
| 2018 | पुलिस मुठभेड़, अपहरण के बाद हत्या |
240 मामलों में था नामजद, सबसे अधिक केस पश्चिमी सिंहभूम में
अजय महतो के खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में कुल 240 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में 107, गिरिडीह में 68, बोकारो में 37, धनबाद में 15, हजारीबाग में 7, चतरा में 2, रामगढ़ में 2 और सरायकेला-खरसावां में 2 मामले शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।
पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
पुलिस ने इस गिरफ्तारी को नक्सल नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इससे पारसनाथ क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। साथ ही क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास को और मजबूती मिलेगी। पुलिस ने नक्सलियों से सरकार की आत्मसमर्पण नीति “नई दिशा–एक नई पहल” का लाभ उठाकर मुख्यधारा से जुड़ने की अपील भी की है।
मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।