गिरिडीह में 53,996 राशन लाभुक अपात्र, नाम हटाने की कार्रवाई तेज; 25 अगस्त तक पूरा करना है सत्यापन

गिरिडीह में 53,996 अपात्र, राशन कार्ड पर अब कार्रवाई की बारी!

Abhimanyu Kumar
4 Min Read
Highlights
  • झारखंड में कुल 6,29,973 लाभुक अपात्र चिन्हित
  • गिरिडीह में 53,996 राशन लाभुक अपात्र पाए गए
  • लगभग 4.66 लाख मामलों में कार्रवाई बाकी
  • करीब 1.63 लाख नाम राशन कार्ड से हटाए गए
  • 25 अगस्त तक राज्य को कार्रवाई पूरी करने का निर्देश
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गिरिडीह। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत राशन का लाभ लेने वाले अपात्र लोगों पर झारखंड सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। राज्यभर में जांच के दौरान 6,29,973 लाभुकों को अपात्र पाया गया है। इनमें से करीब 1.63 लाख लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 4.66 लाख मामलों में कार्रवाई बाकी है।

इस कार्रवाई में गिरिडीह जिले की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गिरिडीह में 53,996 लाभुक अपात्र पाए गए हैं। अपात्र लाभुकों की संख्या के मामले में गिरिडीह राज्य के प्रमुख जिलों में शामिल है। जिले में अब इन लाभुकों के सत्यापन और राशन कार्ड से नाम हटाने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

गिरिडीह में 53,996 लाभुक चिन्हित

केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक गिरिडीह में 53,996 ऐसे लाभुकों की पहचान हुई है, जो एनएफएसए के तहत राशन पाने की पात्रता पूरी नहीं करते हैं। राज्य के जिलों में अपात्र लाभुकों की संख्या के लिहाज से गिरिडीह पांचवें स्थान पर है।

सबसे अधिक अपात्र लाभुक रांची में 93,198 पाए गए हैं। इसके बाद रामगढ़ में 73,567, धनबाद में 67,288 और पूर्वी सिंहभूम में 58,492 लाभुक चिन्हित किए गए हैं। इसके बाद गिरिडीह का स्थान है।

 

सरकारी कर्मचारी और आयकरदाता भी सूची में

जांच के दौरान ऐसे लाभुक भी सामने आए हैं, जो निर्धारित पात्रता मानकों के अनुरूप नहीं हैं। आंकड़ों के अनुसार राज्य में 1,272 सरकारी कर्मचारी, 1,84,810 आयकरदाता और 15,493 बड़े कारोबारी राशन योजना का लाभ लेते पाए गए हैं।

इसके अलावा 13,087 कंपनी मालिक, 21,442 चारपहिया वाहन मालिक और 1,10,142 डुप्लीकेट राशन कार्डधारकों की पहचान हुई है। छह महीने या उससे अधिक समय से राशन नहीं उठाने वाले 1,77,751 लाभुकों को भी अपात्र श्रेणी में रखा गया है।

डिजिटल डाटा से हो रहा सत्यापन

अपात्र लाभुकों की पहचान के लिए केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न डिजिटल डाटाबेस का मिलान किया जा रहा है। एनएफएसए-2 व्यवस्था के तहत लाभुकों की जानकारी का डिजिटल सत्यापन कर पात्रता की जांच की जा रही है।

इसी प्रक्रिया में सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता, वाहन मालिक, डुप्लीकेट राशन कार्ड और अन्य श्रेणियों के लाभुकों की पहचान की गई है।

25 अगस्त तक कार्रवाई पूरी करने का निर्देश

खाद्य आपूर्ति विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को अपात्र लाभुकों के खिलाफ सत्यापन और कार्रवाई जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। राज्य स्तर पर इसके लिए 25 अगस्त तक की समय-सीमा तय की गई है, जबकि केंद्र सरकार ने पूरी प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरी करने को कहा है।

 

सरकार का उद्देश्य अपात्र लोगों को राशन व्यवस्था से हटाकर सरकारी खाद्यान्न का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी नहीं होने पर राज्य के खाद्यान्न आवंटन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

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