जयराम महतो की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पांच दिनों में पूरी करने की मांग, पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन की चेतावनी दी…

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धनबाद। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने विधायक जयराम महतो और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/2026, दिनांक 22 अगस्त 2026 में विधायक जयराम महतो को प्राथमिक अभियुक्त बनाया गया है। एसोसिएशन ने इस मामले में धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक से सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं अविलंब पूरी करने की मांग की है।

 

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पांच दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर राज्यभर के शाखा पदाधिकारी और सदस्य पुलिसकर्मियों से जुड़े अन्य मुद्दों के साथ आंदोलन का निर्णय ले सकते हैं। इस संबंध में एसएसपी धनबाद के अलावा राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह विभाग के संबंधित अधिकारियों और डीजीपी को भी पत्र की प्रतिलिपि देने की बात कही गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन ने विधायक जयराम महतो की ओर से पुलिस एसोसिएशन पर लगाए गए कथित आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। पदाधिकारियों ने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के कल्याण और उनके अधिकारों से जुड़े मामलों को उठाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक की ओर से पुलिस एसोसिएशन के खिलाफ अमर्यादित और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं, जिसका संगठन ने विरोध किया।

थाना प्रभारी से कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा

एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि संबंधित मामले में थाना प्रभारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। पदाधिकारियों के मुताबिक, थाना प्रभारी द्वारा कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग किए जाने के बाद मामला सार्वजनिक हुआ। एसोसिएशन ने विधायक द्वारा निजता के अधिकार का हवाला दिए जाने पर कहा कि किसी व्यक्ति की गरिमा प्रभावित होने की स्थिति में रिकॉर्डिंग को बचाव के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। हालांकि, निजता और रिकॉर्डिंग से जुड़े कानूनी पहलुओं का अंतिम निर्धारण सक्षम कानूनी अथॉरिटी द्वारा ही किया जा सकता है।

एसोसिएशन ने पुराने मामलों का भी दिया हवाला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस एसोसिएशन ने हजारीबाग में पुलिसकर्मियों और अधिवक्ता के बीच विवाद, बोकारो में पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई तथा अन्य मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने समय-समय पर पुलिसकर्मियों के पक्ष और कल्याण से जुड़े मुद्दों को उठाया है। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी या अधिकारी कानून के विरुद्ध कार्य करता है तो एसोसिएशन उसका बचाव नहीं करेगा और नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

 

एसोसिएशन ने अपने ऊपर लगाए गए कथित भेदभाव के आरोपों को भी खारिज किया। पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन ने ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े विषयों पर भी सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है और गलतियों के लिए माफी मांगने का उदाहरण भी दिया है।

बालू उठाव और एनजीटी के आदेश का जिक्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बालू उठाव के मुद्दे पर भी विधायक जयराम महतो के रुख पर सवाल उठाया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि एनजीटी के निर्देशों और नदी से बालू उठाव से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है। उन्होंने आशंका जताई कि प्रतिबंधित अवधि में नदी से बालू उठाव के दौरान दुर्घटना, नदी कटाव या किसी व्यक्ति की जान जाने जैसी घटना होने पर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि जनता को नियमों के उल्लंघन के लिए प्रेरित करने के बजाय विधायक को विधानसभा के माध्यम से संबंधित मुद्दों को उठाना चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि विधायक तारांकित और अतारांकित प्रश्नों सहित विधानसभा के विभिन्न माध्यमों से सरकार के सामने जनता की समस्याएं रख सकते हैं।

“कानून से ऊपर कोई नहीं”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि पुलिस एसोसिएशन कोई न्यायिक संस्था नहीं है और उसका काम पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़े विषयों को उठाना है। संगठन ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

 

एसोसिएशन ने विधायक जयराम महतो के समर्थकों द्वारा पुलिस अधिकारियों या कर्मियों को कथित रूप से धमकी देने अथवा “देख लेने” जैसी बातें कहे जाने का भी विरोध किया। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे बयानों से स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।

 

पूरे मामले में अब धनबाद पुलिस की आगे की कार्रवाई और एसोसिएशन द्वारा दी गई पांच दिनों की समयसीमा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विधायक जयराम महतो का इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।