गिरिडीह में छात्रों पर मारपीट से गरमाई सियासत, बाबूलाल मरांडी बोले- ‘जेएमएम के गुंडों’ ने कानून हाथ में लिया

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गिरिडीह: झंडा मैदान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने जुटे छात्रों के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर गिरिडीह की राजनीति गरमा गई है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि झामुमो के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नोंक-झोंक के बाद उनके साथ मारपीट की गई। घटना में छात्र मंटू मुर्मू के घायल होने की बात सामने आई है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचे और घायल छात्र मंटू मुर्मू से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने घटना को लेकर राज्य सरकार और झामुमो पर तीखा हमला बोला।

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि झंडा मैदान में लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को झामुमो कार्यकर्ताओं ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट किया जाना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है।

मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में पुतला दहन और विरोध-प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखना लोगों का अधिकार है। विरोध करने वालों के साथ मारपीट किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में शामिल लोग कानून को अपने हाथ में ले रहे थे और सरकार के संरक्षण में इस तरह की दबंगई की जा रही है।

 

भाजपा नेता ने सरकार से मांग की कि छात्रों के साथ कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी की भी मांग की।

JPSC-JSSC को लेकर लगातार आंदोलन

दरअसल, JPSC और JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद JSSC-CGL समेत कुछ नियुक्तियों को रद्द करने की घोषणा की गई थी। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट ने सरकार के इस आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज हुआ।

शुक्रवार को इसी क्रम में गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्रों के जुटने और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की तैयारी की गई थी। इसी दौरान झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद विवाद और कथित मारपीट की घटना सामने आई।

घटना के बाद भाजपा ने छात्रों के समर्थन में सरकार को घेरा है। वहीं, पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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