गिरिडीह। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को गिरिडीह में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से ‘नमामि भारतम्-वंदे मातरम्’ सामूहिक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा परिसर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
निर्धारित समय के अनुसार सुबह 11 बजे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा सहित शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में एक साथ, एक स्वर और एक लय में संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। इस आयोजन में करीब 10 शिक्षण संस्थानों के 6714 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने सहभागिता की। सामूहिक गायन के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रभाव जागरण और देश के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में आर.एस.डी. पब्लिक स्कूल, एल.एन.पी. स्कूल, गुरुकुलम, किरण पब्लिक स्कूल, गुरुनानक पब्लिक स्कूल, जे.पी.पी. इंटरनेशनल स्कूल, सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल, के.डी. इंटरनेशनल स्कूल, जी.डी. बगेड़िया बी.एड. कॉलेज और के.एन. बख्शी बी.एड. कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने भाग लिया।
विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की सचिव डॉ. शालिनी खोवाला ने कहा कि वंदे मातरम् सिर्फ सामूहिक रूप से गाया जाने वाला गीत नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति श्रद्धा, सम्मान और एकता की भावना को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि 150 वर्ष पूर्व बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा बोया गया विचार आज व्यापक रूप में लोगों को जोड़ने का माध्यम बना है। उन्होंने लोगों से धर्म, जाति और भाषा के भेद से ऊपर उठकर देश की एकता और विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक नलिन आचार्य ने कहा कि वंदे मातरम् राष्ट्र की चेतना से जुड़ा हुआ गीत है। उन्होंने कहा कि इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में एक साथ और एक समय पर सामूहिक गायन होना विशेष अवसर है। उन्होंने आयोजन को राष्ट्रभाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी ने कहा कि वंदे मातरम् लोगों के भीतर देशभक्ति की भावना को जागृत करने का माध्यम है और यह राष्ट्र के गौरव से जुड़ा गीत है। वहीं नगर निगम महापौर प्रमिला मेहरा ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों में शिक्षा के साथ संस्कार और देशभक्ति की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया जाता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय के प्रधानाचार्य आनंद कमल ने अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने विद्यालय पहुंचकर पूरे उत्साह के साथ सामूहिक गायन में भाग लिया। उन्होंने इस आयोजन को राष्ट्र के प्रति समर्पण और नई चेतना का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार और राष्ट्रभाव को विकसित करने का भी माध्यम है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के आचार्यों एवं कार्यकर्ताओं की भूमिका रही। मंच संचालन आचार्य अजित मिश्र ने किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।