
गिरिडीह: राधास्वामी संगठन के नाम पर लोगों से कथित तौर पर ठगी करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बैंक लोन की किस्त संगठन द्वारा चुकाने का भरोसा देकर 30 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में पचंबा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राधास्वामी संगठन के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा, उनकी पत्नी और संगठन की मीडिया प्रभारी अनीशा सिन्हा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुबोध सिंह और सुमित सिन्हा भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों पर करीब 8 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी में शामिल होने के आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
40 से 80 फीसदी अनुदान का दिया गया भरोसा
मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी आरके राणा ने पचंबा थाना परिसर में प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि पुलिस को कई पीड़ितों की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि संगठन से जुड़े लोगों ने वाहन खरीदने, मकान निर्माण और दूसरी योजनाओं में 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिलाने का भरोसा देकर लोगों से पैसे लिए।
आरोप है कि लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पहले उनका विश्वास जीता गया और इसके बाद उनसे बड़ी रकम संगठन के खाते में जमा कराई गई।
EMI भरने का भी किया गया था दावा
पीड़ितों का आरोप है कि सिर्फ अनुदान दिलाने का ही भरोसा नहीं दिया गया, बल्कि यह भी कहा गया था कि बैंक से लोन लेने के बाद उसकी मासिक किस्त यानी EMI संगठन की ओर से जमा की जाएगी।
इस भरोसे में कई लोगों ने बैंक से अपने नाम पर लोन लिया और अपनी जमा पूंजी भी संगठन के खाते में जमा कर दी। लेकिन बाद में कथित तौर पर संगठन की ओर से न तो तय अनुदान दिलाया गया और न ही बैंक की EMI जमा की गई।
इसके बाद जब लोगों पर बैंक का कर्ज और किस्त चुकाने का दबाव बढ़ने लगा, तो उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की।
पूछताछ के बाद चारों की गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद पचंबा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अब पुलिस इस पूरे मामले में पैसों के लेन-देन की कड़ी जोड़ने में जुटी है। पुलिस संगठन से जुड़े बैंक खातों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पीड़ितों से प्राप्त रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित ठगी की इस पूरी प्रक्रिया में गिरफ्तार चार आरोपियों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही, पीड़ितों की संख्या और कथित ठगी की कुल रकम के वास्तविक आंकड़े का भी सत्यापन किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस कथित ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।