गिरिडीह कॉलेज में छह सूत्रीय मांगों को लेकर छात्र मोर्चा का धरना…

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गिरिडीह कॉलेज में शैक्षणिक व्यवस्था और छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा ने गुरुवार से धरना-प्रदर्शन शुरू किया। मोर्चा ने कॉलेज प्रशासन के समक्ष छह सूत्रीय मांगें रखते हुए इन पर जल्द कार्रवाई की मांग की है।

 

धरने के दौरान छात्र मोर्चा के नेताओं ने कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कॉलेज में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए और शैक्षणिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

छह मांगों को लेकर आंदोलन

छात्र मोर्चा की प्रमुख मांगों में कॉलेज परिसर को राजनीतिक गतिविधियों से मुक्त रखना, शैक्षणिक सत्र को निर्धारित समय पर पूरा करना और विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित करना शामिल है।

 

मोर्चा ने प्रोफेसर विनिता कुमारी की शैक्षणिक जिम्मेदारियों और राजनीतिक गतिविधियों में भूमिका की जांच की मांग की है। वहीं, प्रोफेसर सतीश यादव से जुड़े पूर्व के जेल जाने के मामले की उपलब्ध दस्तावेजों और नियमों के आधार पर जांच कराने की भी मांग उठाई गई है।

इसके अलावा पूर्व प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार के कार्यकाल में लिए गए प्रशासनिक एवं वित्तीय निर्णयों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। कॉलेज परिसर में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग भी छात्र मोर्चा ने की है।

छात्र हित में आंदोलन का दावा

झारखंड छात्र मोर्चा ने कहा कि धरना विद्यार्थियों की समस्याओं और कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए किया जा रहा है। मोर्चा ने कॉलेज प्रशासन एवं विश्वविद्यालय से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

 

धरना-प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष अभय कुमार, जिला सचिव विशाल झा, जिला उपाध्यक्ष रौनक मिश्रा, रोहित कुमार, सुमेर वर्मा, बड्डी यादव, आर्यन वर्मा, सूरज मंडल, राज पांडे, बिट्टू यादव, आदित्य यादव, राकेश यादव, रितेश पाठक, करीना कुमारी, रोहित मरांडी, दुर्गा सोरेन, बिरन बास्की, गोविंद किस्कू, सावन मुर्मू, दीपक सोरेन, अस्टीफन मरांडी, सुनुलाल टुडू, सुनील मरांडी, पंकज मुर्मू, विमल मरांडी, संजीव मुर्मू और विनय हांसदा समेत अन्य छात्र मौजूद रहे।

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