बिजली कटते ही मोबाइल पर मिलेगी पूरी जानकारी, झारखंड के 44 डिवीजनों में लागू होगी नई व्यवस्था

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रांची: झारखंड में बिजली कटौती को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी कम करने के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई है। अब बिजली कब गई, किस कारण से गई और इसके कब तक बहाल होने की संभावना है, इसकी जानकारी उपभोक्ताओं को सीधे मोबाइल पर मिल सकेगी। इसके लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने डिवीजनवार वाट्सएप चैनल शुरू किया है।

ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी सह जेबीवीएनएल के एमडी के. श्रीनिवासन की पहल पर शुरू की गई इस व्यवस्था का पहला चरण रांची के छह डिवीजनों से शुरू हुआ है। इनमें रांची ईस्ट, वेस्ट, डोरंडा, सेंट्रल, न्यू कैपिटल और कोकर डिवीजन शामिल हैं। इसके बाद धनबाद और जमशेदपुर में इसे लागू किया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी 44 डिवीजनों को इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

नई व्यवस्था में बिजली कटने की सूचना के साथ कटौती का कारण, प्रभावित क्षेत्र और संभावित बहाली का समय बताना अनिवार्य होगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के कॉल सेंटर या स्थानीय फ्यूज कॉल सेंटर में बार-बार फोन करने की जरूरत कम होगी।

मुख्यालय स्तर से होगी निगरानी

इस वाट्सएप चैनल से जूनियर इंजीनियर से लेकर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी तक जुड़े रहेंगे। किसी फीडर में बिजली बंद होने की जानकारी चैनल पर आते ही मुख्यालय को भी इसकी जानकारी मिल जाएगी। यदि बिना उचित कारण बिजली बंद रहती है या निर्धारित समय से अधिक देर तक आपूर्ति बहाल नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा सकेगा।

मनमाने शटडाउन पर भी रोक

निगम ने प्री-प्लान शटडाउन को लेकर भी नियम सख्त किए हैं। अब 33 केवी या 11 केवी फीडर को पूर्व नियोजित तरीके से बंद करने के लिए कार्यपालक अभियंता की लिखित सहमति और पूर्व सूचना जरूरी होगी। हालांकि, अचानक फॉल्ट, दुर्घटना या सुरक्षा संबंधी आपात स्थिति में तत्काल बिजली बंद की जा सकेगी। ऐसी स्थिति में कारण और संभावित बहाली का समय तुरंत चैनल पर अपडेट करना होगा।

उपभोक्ताओं को क्या करना होगा?

बिजली कटौती की जानकारी पाने के लिए उपभोक्ताओं को अपने संबंधित डिवीजन के वाट्सएप चैनल को फॉलो करना होगा। उदाहरण के तौर पर रांची ईस्ट के उपभोक्ता ‘Power Supply-Ranchi East Division’ नाम से चैनल खोजकर उसे फॉलो कर सकते हैं। इसके बाद प्री-प्लान शटडाउन, फीडर ब्रेकडाउन और बिजली बहाली से जुड़ी अपडेट मोबाइल पर मिलती रहेंगी।

नई व्यवस्था से बिजली विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही उपभोक्ताओं को बिजली कटौती की स्थिति में पहले से जानकारी मिलने से अपने जरूरी काम की बेहतर योजना बनाने में भी मदद मिलेगी।