रांची: मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में बुधवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट सचिव Vandana Dadel ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन फैसलों में निषिद्ध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नई पुरस्कार नीति, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, वृद्ध कलाकारों के लिए पेंशन योजना, जैविक खेती को बढ़ावा, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, बुनियादी ढांचे के विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई अहम निर्णय शामिल हैं।
नशा तस्करों की सूचना देने वालों को मिलेगा पुरस्कार
कैबिनेट की बैठक में निषिद्ध मादक पदार्थों एवं उनके तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया। सरकार ने ऐसी गतिविधियों की सूचना देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए नई पुरस्कार नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत सूचना देने वाले व्यक्ति को न्यूनतम 3 हजार रुपये और अधिकतम 2 लाख रुपये तक का पुरस्कार दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत
कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) एवं महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी गई। सरकार के निर्णय के अनुसार, सातवें केंद्रीय वेतनमान का लाभ पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
वहीं, छठे वेतनमान के कर्मचारियों एवं पेंशनरों का डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया है। इसके अलावा पांचवें वेतनमान का लाभ लेने वाले कर्मियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
वृद्ध एवं दिव्यांग कलाकारों के लिए नई योजना
राज्य सरकार ने वृद्ध, गंभीर रूप से बीमार तथा स्थायी दिव्यांग कलाकारों के लिए नई मासिक निवृत्ति योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत पात्र कलाकारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।
लोकायुक्त नियुक्ति को मंजूरी
कैबिनेट ने झारखंड लोकायुक्त के पद पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश Amitabh Kumar Gupta की नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय को राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने जैविक खेती प्रमाणीकरण योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत तीन चरणों में कुल 1 लाख 5 हजार हेक्टेयर भूमि को कवर किया जाएगा।
- प्रथम चरण (2026-27 से 2028-29) : 35 हजार हेक्टेयर
- द्वितीय चरण (2027-28 से 2029-30) : 35 हजार हेक्टेयर
- तृतीय चरण (2028-29 से 2030-31) : 35 हजार हेक्टेयर
इस योजना के लिए कुल 370 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 42.875 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती से हटाकर जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करना है।
हवाई और रेल परियोजनाओं को गति
राज्य में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। दुमका हवाई अड्डे पर Regional Connectivity Scheme के तहत उड़ानों की शुरुआत के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ करार को मंजूरी दी गई। इसके अलावा लोधमा-पिस्का लिंक रेल लाइन निर्माण के लिए सशुल्क स्थायी भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति प्रदान की गई।
“अबुआ दवाखाना” योजना को मंजूरी
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने “अबुआ दवाखाना” योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्धा चिकित्सा पद्धतियों पर आधारित एकीकृत औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
न्यायपालिका और प्रशासनिक सुधार
कैबिनेट ने झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीशों को मिलने वाले अनुसेवक भत्ता, अनुसचिवीय सहायता एवं अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी का निर्णय लिया। इसके अलावा लोक भवन और राज्यपाल सचिवालय के पदों के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई। अब वर्तमान 153 पदों की जगह 193 पद होंगे।
पशुपालन और व्यापार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत नई “व्यावसायिक बकरी पालन योजना” शुरू की जाएगी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, राज्य के अंदर क्रय-विक्रय करने वाले पेट्रोल, डीजल एवं मदिरा खुदरा विक्रेताओं को त्रैमासिक एवं मासिक रिटर्न दाखिल करने से छूट देने का निर्णय भी लिया गया है, क्योंकि इन पर VAT पहले से जमा होता है।
राज्य सरकार के इन फैसलों को स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।