गिरिडीह: पारंपरिक डांडिया की धुनों पर झूमे लोग, ‘सेवा स्मरण’ नाटक के जरिए मिला राष्ट्र निर्माण का संदेश

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गिरिडीह। भाजपा झारखंड प्रदेश मंत्री शालिनी बैसखियार द्वारा अपने आवासीय परिसर में आयोजित ‘ढोली तारो डांडिया नाइट’ में उत्साह, उमंग और भारतीय संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया और पारंपरिक डांडिया की धुनों पर झूमते हुए उत्सव का आनंद उठाया।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और पद पर रहते हुए उनके 25 वर्षों के सेवा काल से जुड़े प्रसंगों पर आधारित ‘सेवा स्मरण, अनकही कहानियां’ नाटक का मंचन रहा। नाटक के माध्यम से मोदी जी के सेवाभाव, समर्पण, संघर्ष और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को रोचक एवं भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। उपस्थित लोगों ने इस प्रस्तुति की सराहना की।

इस अवसर पर शालिनी बैसखियार ने कहा कि डांडिया केवल नृत्य और उत्सव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामूहिकता और सामाजिक एकता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक सेवा काल की स्मृतियों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का उद्देश्य उनके सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के संदेश को साझा करना है।

 

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ते हैं और हमारी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं पुरुषों ने डांडिया की रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों, संगीत और सांस्कृतिक आयोजन का भरपूर आनंद लिया। पूरा परिसर उत्साह, उल्लास और भक्ति के रंगों से सराबोर रहा।