रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है। निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के तहत अब तक 7,97,000 आवेदनों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के तहत 18,963 आवेदन दर्ज किए गए हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में सुधार के लिए दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 के 7.97 लाख आवेदन डिजिटाइज
निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के तहत 7,97,000 आवेदनों का डिजिटाइजेशन किया गया है। इसमें 12 अक्टूबर को डिजिटाइज किए गए 11,415 आवेदन भी शामिल हैं।
वहीं, मतदाता सूची में नाम, पता और अन्य विवरणों में सुधार कराने या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 के तहत 5,19,289 आवेदनों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। इनमें 12 अक्टूबर को डिजिटाइज किए गए 3,954 आवेदन शामिल हैं।
मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 18,963 आवेदन
मतदाता सूची से नाम हटाने के अनुरोध के लिए फॉर्म-7 के तहत अब तक 18,963 आवेदन दर्ज किए गए हैं। इनमें 12 अक्टूबर को 762 आवेदनों का डिजिटाइजेशन किया गया।
इसके अलावा, विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6A के तहत 117 आवेदनों का डिजिटाइजेशन किया गया है।
जानिए, किस काम के लिए कौन-सा फॉर्म जरूरी
निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की अलग-अलग जरूरतों के लिए विभिन्न फॉर्म निर्धारित किए गए हैं।
फॉर्म-6: मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए।
फॉर्म-7: मतदाता सूची से नाम हटाने के अनुरोध के लिए।
फॉर्म-8: नाम, पता एवं अन्य विवरणों में सुधार या स्थानांतरण के लिए।
फॉर्म-6A: विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए।
31 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, पात्र नागरिक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने आवेदन, दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वहीं, नाम, पता या अन्य विवरणों में सुधार के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
मतदाताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी आवेदन का डिजिटाइजेशन हो जाना उसकी मंजूरी का प्रमाण नहीं है। इसलिए आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी आधिकारिक निर्वाचन माध्यमों से प्राप्त करते रहना जरूरी है।
दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 30 नवंबर 2026 को झारखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। ऐसे में पात्र मतदाताओं के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने आवेदन और विवरणों की जांच करना महत्वपूर्ण है।
मैं अभिमन्यु कुमार पिछले चार वर्षों से गिरिडीह व्यूज में बतौर “चीफ एडिटर” के रूप में कार्यरत हुं,आप मुझे नीचे दिए गए सोशल मीडिया के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।