आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन जांच अभियान, मिलावटी एवं अवमानक खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई…

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गिरिडीह:- आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर आम नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में मिलावटी एवं अवमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गिरिडीह शहरी क्षेत्र के बदडीहा एवं पचंबा, पीरटांड़ प्रखंड के मधुबन एवं चिरकी तथा धनवार क्षेत्र में विभिन्न मिठाई दुकानों, होटलों एवं रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, खाद्य तेल की स्थिति, प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की गई। जहां अनियमितताएं पाई गईं, वहां नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित खाद्य कारोबारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

विभिन्न क्षेत्रों में जांच एवं कार्रवाई का विवरण…

1. बदडीहा क्षेत्र: भदानी स्वीट्स से लड्डू का नमूना जांच हेतु संग्रहित किया गया। वहीं, समोसा तलने में इस्तेमाल किए जा रहे तेल की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर 12 लीटर तेल नष्ट कराया गया।

2. मधुबन, पीरटांड़ क्षेत्र में  पनीर, दूध एवं मसालों की जांच की गई। जांच के दौरान इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।

3. चिरकी क्षेत्र: न्यू कावेरी रेस्टोरेंट, छाया रेस्टोरेंट, स्वागत रेस्टोरेंट, एस.के. रेस्टोरेंट, साहू स्वीट्स, गौरव होटल एवं निशा स्वीट्स सहित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में पनीर, खोआ, मसाले, सॉस, लड्डू एवं बुंदिया की जांच की गई। छाया स्वीट्स के किचन में साफ-सफाई की कमी पाए जाने पर 500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

4. पचंबा क्षेत्र: नर्मदा धाम मिष्ठान भंडार में मिल्क केक एवं पेड़ा की जांच के दौरान स्टार्च की मौजूदगी पाए जाने पर 1.5 किलोग्राम मिल्क केक एवं 1 किलोग्राम पेड़ा नष्ट कराया गया। इसके अतिरिक्त गली कैफे, जय जमामू माता मिष्ठान, श्री साईं स्वीट्स एवं केडिया स्वीट्स सहित अन्य प्रतिष्ठानों में पनीर, खोआ, मिल्क केक, लड्डू, बुंदिया एवं जलेबी की जांच की गई। जांचे गए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।

5. धनवार क्षेत्र: धनवार में कुल 16 खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। बिना वैध खाद्य लाइसेंस के खाद्य कारोबार संचालित करने के मामले में 7 कारोबारियों को नोटिस जारी किया गया। इसके अतिरिक्त, निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर 9.5 किलोग्राम छेना निर्मित मिठाई नष्ट कराई गई तथा जांच के लिए 3 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए।

खाद्य कारोबारियों को नियमों के अनुपालन का निर्देश…

निरीक्षण के दौरान जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया कि वे पनीर, खोआ, मिल्क केक एवं अन्य खाद्य सामग्री केवल वैध खाद्य लाइसेंसधारी एवं अधिकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही प्राप्त करें। अवैध स्रोत से प्राप्त मिलावटी अथवा अवमानक खाद्य सामग्री पाए जाने पर उसे नियमानुसार जब्त करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी खाद्य कारोबारियों को वैध खाद्य लाइसेंस के साथ ही कारोबार करने, खाद्य सामग्री को अखबार में लपेटकर या उसमें रखकर नहीं बेचने तथा प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया गया। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराने, खाद्य कारोबार में संलग्न कर्मियों का मेडिकल फिटनेस सुनिश्चित करने तथा नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल कराने के निर्देश भी दिए गए।

जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश: खाद्य सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं…

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पर्व-त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के मद्देनजर गुणवत्ता एवं स्वच्छता मानकों के अनुपालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। खाद्य पदार्थों में मिलावट, अवमानक सामग्री की बिक्री तथा बिना वैध लाइसेंस कारोबार करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग का यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि जिलेवासियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।