तीन दशक की गौरवशाली सैन्य सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्नल अनिल यादव, एनसीसी में दिया उल्लेखनीय योगदान

Pintu Kumar
5 Min Read
Share This News
WhatsApp Channel Join Now

भारतीय सेना में लगभग तीन दशकों तक गौरवशाली एवं समर्पित सेवा देने के बाद कर्नल अनिल यादव 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। अपने सैन्य जीवन के दौरान उन्होंने देश की सेवा के साथ-साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के माध्यम से युवाओं, विशेषकर बालिकाओं के सशक्तीकरण और व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके नेतृत्व में 4 झारखंड गर्ल्स बटालियन, एनसीसी, दुमका ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।

कर्नल अनिल यादव ने अप्रैल 2025 में बटालियन के कमान अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संथाल परगना की बालिका कैडेटों को बेहतर प्रशिक्षण देने के साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उनके प्रयासों से एनसीसी गतिविधियों को नई दिशा मिली।

उनके नेतृत्व में शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी कैडेटों के नामांकन को बढ़ावा देने तथा नियमित वार्षिक प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन पर विशेष ध्यान दिया गया। कैडेटों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए योग, प्राणायाम, शारीरिक प्रशिक्षण, फायरिंग अभ्यास और प्रेरणादायक व्याख्यान आयोजित किए गए। इसके अलावा कैडेटों को करियर के नए अवसरों से परिचित कराने के उद्देश्य से दुमका स्थित झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया।

कर्नल यादव के कार्यकाल में बटालियन की बालिका कैडेटों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कैडेटों ने नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) और तिरुचिरापल्ली में आयोजित अंतर-निदेशालय खेलकूद शूटिंग प्रतियोगिता सहित कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेकर दुमका और झारखंड का गौरव बढ़ाया।

खेल और फिटनेस के प्रति कर्नल अनिल यादव का समर्पण भी कैडेटों के लिए प्रेरणास्रोत रहा। वे नियमित रूप से बैडमिंटन खेलते हैं तथा देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित मैराथन दौड़ों में हिस्सा ले चुके हैं। इसके अलावा वे बाइक राइडिंग और साइकिलिंग में भी विशेष रुचि रखते हैं। उनका मानना है कि स्वस्थ शरीर, मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच एक सफल व्यक्तित्व की आधारशिला हैं।

उनके कार्यकाल की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में दिसंबर 2025 में आयोजित रांची से नई दिल्ली तक की लगभग 1300 किलोमीटर लंबी साइकिल रैली भी शामिल रही। कर्नल यादव ने इस ऐतिहासिक रैली का नेतृत्व किया था। रैली को झारखंड के तत्कालीन राज्यपाल संतोष गंगवार और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। दिल्ली पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री की रैली के दौरान कैडेटों का स्वागत एवं सम्मान किया। इस अभियान के माध्यम से कैडेटों ने अनुशासन, साहस, धैर्य, टीम भावना और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

इसके अलावा कर्नल यादव ने एनसीसी को शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय समाज से जोड़ने की दिशा में भी कई पहल कीं। कैडेटों को स्वच्छता अभियान, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, फिटनेस, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा जैसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।

कर्नल अनिल यादव का मानना रहा है कि प्रत्येक बालिका में असीम संभावनाएं होती हैं। यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने बालिका कैडेटों को आत्मनिर्भर, निर्भीक और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण बनाने का प्रयास किया।

31 अक्टूबर 2026 को लगभग तीन दशक की सैन्य सेवा के बाद उनकी सेवानिवृत्ति के साथ ही उनके जीवन की एक नई पारी की शुरुआत हो रही है। उनके योगदान को लेकर दुमका एवं संपूर्ण संथाल परगना के एनसीसी परिवार, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय नागरिकों ने सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की है। उनके नेतृत्व में किए गए कार्य और बालिका कैडेटों के विकास के लिए उठाए गए कदम लंबे समय तक याद किए जाएंगे। क्षेत्रवासियों ने उनके स्वस्थ, सुखद और सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन की कामना की है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *